क्या राम मंदिर के अंदर खुद की व्हीलचेयर ले जा सकते हैं? जानिए ट्रस्ट के नियम

अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण के बाद देशभर से करोड़ों श्रद्धालु प्रभु श्री रामलला के दर्शन के लिए आ रहे हैं। निजी व्हीलचेयर राम मंदिर, इनमें बड़ी संख्या बुजुर्गों, चलने-फिरने में असमर्थ लोगों और दिव्यांग जनों की है।

ऐसे में बहुत से परिवारों का यह सवाल होता है कि क्या राम मंदिर के अंदर खुद की व्हीलचेयर ले जा सकते हैं? यदि आपके मन में भी अपनी निजी व्हीलचेयर राम मंदिर ले जाने को लेकर कोई शंका है, तो इस लेख में आपको ट्रस्ट के बिल्कुल नए नियमों और सुरक्षा गाइडलाइंस की पूरी जानकारी मिलेगी।

निजी व्हीलचेयर बनाम ट्रस्ट व्हीलचेयर

विषय सुरक्षा नियम और गाइडलाइंस
निजी व्हीलचेयर (Private) मंदिर के मुख्य परिसर और गर्भगृह के अंदर ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित है।
कहाँ तक अनुमति है? आप अपनी व्हीलचेयर मुख्य प्रवेश द्वार/यात्री सेवा केंद्र तक ला सकते हैं।
विकल्प (Alternative) प्रवेश द्वार के बाद आपको अनिवार्य रूप से ट्रस्ट की अधिकृत व्हीलचेयर लेनी होगी।
व्हीलचेयर का शुल्क ट्रस्ट द्वारा दी जाने वाली व्हीलचेयर का सहायता शुल्क ₹150 से ₹200 तक होता है।

 

राम मंदिर में निजी व्हीलचेयर ले जाने पर क्या नियम हैं?

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और अयोध्या सुरक्षा प्रशासन के कड़े नियमों के अनुसार, किसी भी श्रद्धालु को अपनी निजी व्हीलचेयर राम मंदिर के मुख्य दर्शन मार्ग और गर्भगृह के भीतर ले जाने की अनुमति नहीं दी जाती है।

सुरक्षा जांच और मंदिर की आंतरिक व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए केवल ट्रस्ट द्वारा संचालित व्हीलचेयर को ही मंदिर परिसर के भीतर प्रवेश करने दिया जाता है। इसलिए, निजी व्हीलचेयर राम मंदिर, यदि आप घर से अपनी प्राइवेट व्हीलचेयर ला रहे हैं, तो उसे आपको मुख्य प्रवेश द्वार के पास ही छोड़ना होगा।

निजी व्हीलचेयर क्यों प्रतिबंधित है? 

  • कड़ी सुरक्षा जांच: राम मंदिर की सुरक्षा बेहद संवेदनशील है, जहाँ एक्सरे मशीन और हाई-टेक स्कैनर्स से हर वस्तु की जांच होती है। निजी व्हीलचेयर के विभिन्न हिस्सों की सघन जांच में समय लगता है।
  • ड्रेस कोड वाले सेवादार: मंदिर परिसर के भीतर व्हीलचेयर चलाने वाले सहायकों (सारथी) के लिए विशेष ड्रेस कोड (भगवा वस्त्र) और पहचान पत्र अनिवार्य किया गया है। निजी व्हीलचेयर राम मंदिर, बाहरी या निजी सहायकों को सुरक्षा कारणों से अंदर जाने की अनुमति नहीं है।

राम मंदिर के इतिहास, वास्तुकला और सांस्कृतिक महत्व को जानने के लिए हमारा अयोध्या राम मंदिर पर विस्तृत लेख भी पढ़ें। 

प्रवेश द्वार पर निजी व्हीलचेयर से ट्रस्ट व्हीलचेयर में कैसे शिफ्ट हों?

यदि आप अपने साथ निजी व्हीलचेयर लेकर अयोध्या आ रहे हैं, तो आपको इस आसान प्रक्रिया का पालन करना होगा:

  1. ड्रॉप पॉइंट तक पहुंचें: अपनी कैब या ई-रिक्शा से सीधे जन्मभूमि पथ के पास यात्री सेवा केंद्र (Pilgrim Facility Centre) तक आएं। यहाँ तक आप अपनी निजी व्हीलचेयर का उपयोग कर सकते हैं।
  2. निर्धारित व्हीलचेयर काउंटर पर जाएं: यात्री सेवा केंद्र के भीतर बने ‘व्हीलचेयर और सुगम दर्शन सहायता काउंटर’ (Assistance Desk) पर संपर्क करें। (सुरक्षा व भीड़ के अनुसार काउंटर का नंबर बदल सकता है, इसलिए वहां लगे बोर्ड या सेवादारों से काउंटर पूछ लें)
  3. आईडी कार्ड दिखाएं: काउंटर पर बुजुर्ग या दिव्यांग जन का कोई भी एक सरकारी पहचान पत्र (जैसे आधार कार्ड या पासपोर्ट) दिखाएं।
  4. ट्रस्ट की व्हीलचेयर लें: वहाँ ₹150 से ₹200 का निर्धारित सहायता शुल्क देकर आप ट्रस्ट की सैनिटाइज्ड व्हीलचेयर ले सकते हैं, निजी व्हीलचेयर राम मंदिर, जिसके साथ एक प्रशिक्षित सेवादार (सारथी) भी मिलता है जो आपको सीधे गर्भगृह तक ले जाता है।

आधिकारिक पोर्टल: दर्शन पास और गाइडलाइंस की अधिक जानकारी के लिए हमेशा Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra की ऑफिशियल वेबसाइट पर विज़िट करें।

निष्कर्ष

यदि आप अपने किसी बुजुर्ग परिजन को लेकर अयोध्या आ रहे हैं, तो घर से भारी-भरकम व्हीलचेयर साथ लाने की कोई आवश्यकता नहीं है। मंदिर प्रशासन ने बेहद सुगम और व्यवस्थित इंतज़ाम किए हैं। अपनी निजी व्हीलचेयर राम मंदिर के अंदर भले ही न ले जा सकें, लेकिन ट्रस्ट की व्हीलचेयर और अलग कतार (Priority Lane) की मदद से वरिष्ठ नागरिक मात्र 45 से 60 मिनट के भीतर बहुत ही आसानी से रामलला के दिव्य दर्शन कर वापस आ जाते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

प्रश्न: क्या राम मंदिर के गर्भगृह तक व्हीलचेयर जा सकती है?

उत्तर: जी हां, मुख्य राम मंदिर परिसर को पूरी तरह से व्हीलचेयर-फ्रेंडली (Ramps और लिफ्ट्स के साथ) बनाया गया है। व्हीलचेयर सीधे रामलला की दिव्य मूर्ति के सामने तक जाती है।

प्रश्न: क्या निजी व्हीलचेयर राम मंदिर पर बैठे बुजुर्ग के साथ परिवार का कोई सदस्य जा सकता है?

उत्तर: हाँ, व्हीलचेयर का उपयोग करने वाले श्रद्धालु के साथ परिवार के एक या दो सदस्यों (Attendants) को उसी विशेष और छोटी कतार में जाने की अनुमति दी जाती है।

प्रश्न: हनुमान गढ़ी मंदिर में क्या व्हीलचेयर की सुविधा है?

उत्तर: नहीं, हनुमान गढ़ी मंदिर ऊंचे टीले पर स्थित है जहाँ लगभग 76 सीढ़ियां हैं, इसलिए वहाँ व्हीलचेयर नहीं जा सकती। वहाँ बुजुर्गों के लिए स्थानीय पालकी या डोली सेवा उपलब्ध होती है।

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